बचपन की गरीबी और संघर्ष को पीछे छोड़कर मिला बड़ा सम्मान
झुंझुनूं, 9 अप्रैल 2025 । जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बीडीके जिला अस्पताल के पीएमओ (प्रधान चिकित्सा अधिकारी) का कार्यभार अब डॉ. जितेंद्र कुमार को सौंपा गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त शासन सचिव निशा मीना ने बुधवार को यह आदेश जारी किए हैं, जिसके बाद डॉ. जितेंद्र कुमार ने कार्यग्रहण कर लिया। अपने पिता सुलतान सिंह भाम्बू का आशीर्वाद प्राप्त कर उन्होंने इस नई जिम्मेदारी को संभाला।
शिक्षा और चिकित्सा में उत्कृष्टता
डॉ. जितेंद्र कुमार का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था और उनका पालन-पोषण ग्रामीण परिवेश में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अपने ही गांव अलीपुर के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में हुई, और उच्च माध्यमिक शिक्षा शहीद कर्नल जेपी जानू उच्च माध्यमिक विद्यालय, झुंझुनूं से प्राप्त की। चिकित्सा की पढ़ाई उन्होंने जीएमकेएमसी, सेलम से की, जबकि शिशु रोग विशेषज्ञ की डिग्री उन्होंने आरएनटी चिकित्सा महाविद्यालय, उदयपुर से पूरी की।
डॉ. जितेंद्र कुमार की प्रशासनिक भूमिका
डॉ. जितेंद्र कुमार ने लंबे समय तक प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने निशुल्क दवा योजना, सांस कार्यक्रम जागरूकता, टीकाकरण कार्यक्रम, डेंगू नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभाई। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास होगा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सभी सुविधाओं का पूरा लाभ मिले और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति भी अस्पताल की सेवाओं से लाभान्वित हो।"
ऊंटगाड़ी वाले का बेटा बना जिले का पीएमओ
डॉ. जितेंद्र कुमार का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता सुलतान सिंह भाम्बू ऊंटगाड़ी चलाकर परिवार का पालन करते थे। एक ऊंटगाड़ी वाले के बेटे का जिले के सबसे बड़े अस्पताल का पीएमओ बनना एक प्रेरणादायक कहानी है। सुलतान सिंह भाम्बू ने गर्व के साथ कहा, "मैं आज इस बात पर गर्व महसूस करता हूं कि मेरा बेटा जो कभी गरीबी और संघर्ष का सामना करता था, आज जिले के सबसे बड़े अस्पताल का पीएमओ बना है। मैं उसे आशीर्वाद देता हूं कि वह हमेशा आमजन की सेवा करता रहे।"
इस महत्वपूर्ण अवसर पर अस्पताल स्टाफ ने डॉ. जितेंद्र कुमार को बधाई दी और उन्हें शुभकामनाएं दीं।
