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निकायों और पंचायतों के पुनर्सीमांकन के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा के नेतृत्व में प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी करते हुए धरना दिया और रोष जताया



झुंझुनूं 23 अप्रैल 2025 । राज्य भर में निकायों और पंचायतों के पुनर्सीमांकन व पुनर्गठन को लेकर उठ रही आपत्तियों की गूंज बुधवार को झुंझुनूं में भी सुनाई दी। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सुंडा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में प्रशासन को 225 से अधिक आपत्तियों के साथ मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया।

प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष सुंडा ने पुनर्सीमांकन की प्रक्रिया को असंवैधानिक करार देते हुए कहा, "हर तरफ विरोध, हर तरफ आपत्तियाँ… तो सवाल उठता है कि आखिर ये पुनर्सीमांकन चाह कौन रहा है?" उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जनता को भ्रमित कर और परेशान कर नई सीमाएं बनाई जा रही हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।

सुंडा ने कहा कि वर्ष 2020 में ही परिसीमन की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, ऐसे में अब दोबारा इस प्रक्रिया की कोई संवैधानिक जरूरत नहीं है। उन्होंने इसे भाजपा के हारे हुए नेताओं की "भड़ास निकालने की कवायद" बताया और नाम लेते हुए कहा कि "राजेंद्र राठौड़, घनश्याम तिवाड़ी और डॉ. अरुण चतुर्वेदी जैसे चुनाव हारे हुए नेता अब मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।"

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर 6 मई के बाद होने वाले अंतिम प्रकाशन में जनता की भावनाओं के अनुरूप परिवर्तन नहीं किए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी और "ईंट से ईंट बजा देगी।"

प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें बुहाना प्रधान हरिकृष्ण यादव, पीसीसी सदस्य सलीम सिगड़ी, एनएसयूआई प्रदेश महासचिव मोहित जनेवा, चिड़ावा ब्लॉक अध्यक्ष संजय सैनी, मंडावा ब्लॉक अध्यक्ष किरोड़ीमल पायल, कांग्रेस जिला महासचिव श्रवण सैनी, अनिल कटेवा, चुन्नीलाल जनेजा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।