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चिड़ावा के व्यापारियों ने जिला कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन

लालचंद पेड़ा भंडार फायरिंग मामला: चिड़ावा के व्यापारियों ने जिला कलेक्टर और एसपी को सौंपा ज्ञापन, पुलिस कार्रवाई से नाखुश



चिड़ावा (7 जनवरी 2025): चिड़ावा के व्यापारियों ने हाल ही में लालचंद पेड़ा भंडार पर हुई फायरिंग की घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई से नाखुशी व्यक्त की है और इस मामले में ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए जिला कलेक्टर रामावतार मीणा और एसपी शरद चौधरी को ज्ञापन सौंपा है। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने अब तक अपराधियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे व्यापारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।


ज्ञापन में व्यापारियों ने यह भी बताया कि इस घटना के बाद से इलाके में अपराध बढ़ गया है, जिससे व्यापारियों और आम जनता में भय का वातावरण है। व्यापारी नेताओं ने जिला कलेक्टर और एसपी से मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और पुलिस को आदेश दें ताकि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अगले 5 दिनों में आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूरन अन्य कदम उठाने पर विचार करेंगे।


यह घटना 16 दिसंबर 2024 को हुई थी, जब अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने लालचंद पेड़ा भंडार की दुकान पर तीन राउंड फायरिंग की थी और एक करोड़ रुपये की फिरौती की पर्ची भी छोड़ दी थी। इसके बाद सोमवार को फिर से पेड़ा व्यवसायी सुभाष राव को विदेशी नंबर से फिरौती की धमकी दी गई, जिसमें पुलिस को भी चुनौती दी गई। इस घटना के बाद पुलिस ने सुभाष राव के प्रतिष्ठान और डीवाईएसपी कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है।


ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से अशोक मालानी, महेंद्र धनखड़, सुरेश कुमार, संदीप हिम्मतरामका, सत्यनारायण कुमावत, रामजीलाल झाझडिया, विनोद चौधरी, शीशराम हलवाई, सुनील सोनी, जयसिंह माठ, संदीप शर्मा, नाहर सिंह राव, राजकुमार राव, आशीष शर्मा, रमेश जांगिड़, सुनील सिद्धड सहित अन्य व्यापारी शामिल थे।


इस मामले में पिलानी विधायक पितराम सिंह काला ने भी जिला कलेक्टर से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल है, और प्रशासन को तुरंत कदम उठाकर अपराधियों को गिरफ्तार करना चाहिए ताकि व्यापारियों का विश्वास बहाल हो सके।


चिड़ावा में इस घटना के बाद व्यापारी वर्ग में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है और वे पुलिस प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ।