पूर्व मंत्री गुढ़ा ने सीमेंट कंपनी को 26 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया
गोठड़ा। गोठड़ा क्षेत्र में स्थित सीमेंट फैक्ट्री के सामने आज किसानों ने बड़ी सभा का आयोजन किया। सभा में किसानों और स्थानीय लोगों ने सीमेंट कंपनी के खिलाफ जमकर विरोध जताया और सीमेंट कंपनी व प्रशासन से अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस सभा में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
सभा में पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह गुढ़ा भी मौजूद थे। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लिया और उनके साथ खड़े नजर आयें । उन्होंने सभा में किसानों के हक में आवाज उठाई और सीमेंट कंपनी व प्रशासन से मांग की कि किसानों के साथ और है अत्याचार का समाधान जल्द से जल्द किया जाए।
सभा के दौरान पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सीमेंट कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की। वार्ता का मुख्य मुद्दा किसानों और स्थानीय लोगों को नौकरी देने की मांग थी, क्योंकि फैक्ट्री से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना एक प्रमुख मुद्दा है । किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें उचित मुआवजा व रोजगार नहीं मिल रहा है।
सभा के दौरान किसानों और स्थानीय लोगों ने जमकर प्रशासन और सीमेंट कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। नारेबाजी में किसानों ने अपनी समस्याओं को हल करने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे और भी सख्त कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
पूर्व मंत्री गुढ़ा ने सीमेंट कंपनी को 26 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर तब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो वे और बड़े प्रदर्शन करेंगे और आंदोलन को तेज करेंगे।
इस प्रदर्शन में नवलगढ़ के एसडीएम जयसिंह सहित अन्य आला अधिकारी मौजूद थे।
सीमेंट कंपनी के अधिकारियों ने किसानों की बातों को सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं पर जल्द समाधान निकाला जाएगा। हालांकि, अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम तुरंत नहीं उठाए गए, जिससे किसानों के बीच निराशा का माहौल था।
सभा में किसानों और स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें सीमेंट कंपनी द्वारा उन्हें रोजगार देने, कृषि भूमि के बदले उचित मुआवजा देने और पर्यावरणीय क्षति को कम करने की थीं।
अब देखना यह है कि प्रशासन और सीमेंट कंपनी इस प्रदर्शन के बाद किसानों की समस्याओं का समाधान कैसे करते हैं, और क्या 26 जनवरी तक उनकी मांगें पूरी होती हैं या आंदोलन और तेज होता है।
आज के इस धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा, बिरोल सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र गड़वाल, किसान नेता कैलाश यादव, राजेश पुनिया, गोकुल सिंह शेखावत, विजेंद्र काजला सहित सैकड़ो की संख्या में किसान मौजूद रहे।


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