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चली चली रे पतंग मेरी चली रे....! , हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मकर संक्रांति पर्व, आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का मेला

हर्षोल्लास के साथ मनाया गया मकर संक्रांति पर्व, आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों का मेला



नवलगढ़, 14 जनवरी 2025। मकर संक्रांति का पर्व इस बार भी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे आसमान में कोई विशेष गतिविधि नहीं देखी गई। हालांकि, जैसे ही दिन चढ़ा और हवा चली, आसमान में पतंगबाजी का सिलसिला शुरू हो गया, और कुछ ही देर में आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया।



मकर संक्रांति के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की गई। भक्तगण सुबह से ही अपने परिवार के साथ मंदिरों में पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान से आशीर्वाद लिया और दान-पुण्य किया। मकर संक्रांति का पर्व विशेष रूप से गरीबों और जरूरतमंदों को दान देने का समय होता है, और इस दिन विशेष रूप से अनाज, वस्त्र और पैसे का दान किया जाता है।



स्थानीय रामदेवरा बस स्टैंड पर डॉ मुकेश यादव व संजय कड़वाल की ओर से घायल पक्षियों के उपचार की व्यवस्था की गई थी, ताकि पतंगबाजी के दौरान घायल होने वाले पक्षियों को सही उपचार मिल सके। यह पहल लोगों में जागरूकता का संदेश भी देती है कि पतंगबाजी के दौरान पक्षियों को सुरक्षा देना कितना महत्वपूर्ण है।



पुलिस और प्रशासन की ओर से चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक लगाए जाने के बावजूद इस बार भी चाइनीज मांझे की बिक्री होती रही। प्रशासन द्वारा समय-समय पर कार्यवाही भी की गई, लेकिन फिर भी कुछ लोग इस प्रतिबंध की अनदेखी करते हुए चाइनीज मांझे का उपयोग करते रहे। इससे पक्षियों और मानव जीवन के लिए खतरा बना रहा ।