सीकर ( 12 जनवरी 2025 ) शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें 15 साल के मासूम की चाइनीज मांझे से करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना उस वक्त हुई जब बच्चा एक निर्माणाधीन मकान की छत पर चढ़कर 11 हजार केवी की हाई-टेंशन लाइन से लटकी पतंग को निकालने की कोशिश कर रहा था। हादसा दोपहर 2 बजे के आस-पास हुआ, जब बच्चे ने पतंग के चाइनीज मांझे को खींचते हुए तेज करंट का झटका महसूस किया और वह तुंरत नीचे गिर गया। करंट इतना तेज था कि बच्चे के दोनों हाथ और पेट का कुछ हिस्सा जल गया।
मृतक बच्चे की पहचान प्रिंस (15) पुत्र संतोष कुशवाहा निवासी नोगमा, मध्यप्रदेश के रूप में हुई है। वह कुछ दिन पहले ही छुट्टियों में अपने पिता के पास सीकर आया था। प्रिंस का पिता संतोष सीकर में बायोस्कोप मॉल के पास अंडे का ठेला लगाता है। घटनास्थल पर पुलिस पहुंची और शव को एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। ASI राधेश्याम मीणा के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब प्रिंस निर्माणाधीन मकान की छत पर चढ़कर बिजली की 11 हजार केवी की लाइन से लटकी पतंग को निकालने की कोशिश कर रहा था। चाइनीज मांझे से घिरी पतंग को खींचते वक्त उसे करंट का जबरदस्त झटका लगा और वह मौके पर गिर गया।
प्रिंस के पिता संतोष को जैसे ही बेटे की मौत की सूचना मिली, वह खुद को संभाल नहीं पाए और भावुक हो गए। परिजनों ने उन्हें संभाला। प्रिंस के परिवार का कहना है कि वह छुट्टियों में अपने पिता के पास आया था और इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के वक्त प्रिंस के पिता अपनी दुकान पर थे, जो हादसे वाले स्थान से महज 100 मीटर की दूरी पर था।
यह घटना एक बार फिर चाइनीज मांझे के खतरों को उजागर करती है, जो न केवल बच्चों और युवाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए खतरा बन चुका है। चाइनीज मांझे की बिक्री भले ही अवैध है, लेकिन फिर भी यह आसानी से बाजार में उपलब्ध है। हाल ही में नगर परिषद की टीम ने धोद रोड इलाके में एक दुकान पर छापा मारा और 500 से ज्यादा चाइनीज मांझे की चरखियां जब्त कीं। इसके अलावा, 23 दिसंबर को सीकर के रामलीला मैदान इलाके में भी चाइनीज मांझे के कारण एक युवक घायल हो गया था।
यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है कि चाइनीज मांझे के खतरों से अवगत होकर उसे खरीदने और इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इसके खतरों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है ताकि इस तरह के हादसों से बचा जा सके।
सीकर में इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है, और यह सवाल खड़ा किया है कि क्या प्रशासन और समाज इस मुद्दे पर गंभीर कदम उठा पाएंगे।

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